उच्च शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 2 जून 2026 को जारी कॉलेज विलय संबंधी अधिसूचना में इन दोनों कॉलेजों के संबंध में किए गए प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। इसके साथ ही दोनों शिक्षण संस्थान पहले की तरह स्वतंत्र रूप से संचालित होते रहेंगे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में कम छात्र संख्या वाले कई सरकारी महाविद्यालयों के विलय का निर्णय लिया था। इस फैसले के बाद प्रभावित क्षेत्रों में विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्थानीय प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई थी। इससे पहले भी सरकार तीन अन्य डिग्री कॉलेजों के विलय का फैसला वापस ले चुकी है।