तपोवन विधानसभा परिसर/उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
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पैरा पॉलिसी और जल रक्षकों की लंबित मांगों का जल्द स्थायी समाधान होने जा रहा है। सरकार इन श्रेणियों में लगे कर्मचारियों को उचित वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को सदन में नियम-62 के तहत विधायक आरएस बाली के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर दी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संवेदनशील है और चाहती है कि पैरा पॉलिसी कर्मियों तथा जल रक्षकों को स्थायी व्यवस्था के तहत मुख्यधारा में लाया जाए। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के लिए अलग से इंश्योरेंस लागू करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार का उद्देश्य इन्हें पॉलिसी के तहत नियमित ढांचे में सम्मिलित करना है। जल शक्ति विभाग में अब तक 6220 जल रक्षक भर्ती किए जा चुके हैं। इनमें से 3486 जल रक्षकों को, जिन्होंने 12 साल की सेवा पूरी कर ली थी, उन्हें पंप अटेंडेंट बना दिया गया है। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे जलरक्षक हैं, जिनकी 12 वर्ष सेवा पूरी नहीं हुई है और विभाग में पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं हैं। पैरा पॉलिसी से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने बताया कि पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और पैरा मल्टीपर्पज वर्कर का मानदेय कांग्रेस सरकार ने बढ़ाया है।