फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal News : मंत्री जगत सिंह नेगी बोले- मानसून सीजन में प्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

Thu, 25 Sep 2025 08:45 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस मानसून सीजन के दौरान राज्य को 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान का आकलन किया गया है जिसमें सरकारी व गैर-सरकारी संपत्ति शामिल है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र ने प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है लेकिन राज्य सरकार को अभी तक एक पाई भी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की टीमों ने प्रदेश का दौरा कर नुकसान का मूल्यांकन किया है लेकिन राहत के तौर पर अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। नेगी ने कहा कि इस मानसून सीजन के दौरान राज्य को 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान का आकलन किया गया है जिसमें सरकारी व गैर-सरकारी संपत्ति शामिल है। सड़क मार्गाें, कृषि आर बागवानी भूमि को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। भारी बरसात के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर श्रीखंड महादेव, किन्नौर कैलाश और पवित्र मणिमहेश यात्रा रोकनी पड़ी है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 2023 में भी आपदा के लिए केंद्र से पर्याप्त राशि नहीं मिली जबकि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से 500 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की। भाजपा नेता लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को करोड़ों रुपये की आर्थिक मदद जारी की है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 20 जून से 19 सिंतबर, 2025 तक 427 लोगों ने जान गंवाई है। 651 पक्के घर, 1012 कच्चे घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि 2287 पक्के और 4908 कच्चे घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 584 दुकानों व फैक्टरियों, 58 लेबर शेड, 7048 गौशलाएं और 104 घराट व श्मशान घाट क्षतिग्रस्त हुए हैं।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिनके मकान ध्वस्त हुए है उन्हें 7 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। केंद्र सिर्फ 1.30 लाख रुपये देता है। प्रदेश सरकार द्वारा कच्चे घरों के आंशिक नुकसान के लिए 1 लाख रुपये, पक्के घरों के आंशिक नुकसान के लिए 1 लाख रुपये, दुकान और ढाबे के नुकसान के लिए 1 लाख रुपये, गौशाला के नुकसान के लिए 50 हजार रुपये, कृषि और बागवानी भूमि की क्षति के लिए 10 हजार रुपये प्रति बीघा, गाय और भैंस की मृत्यु पर 55 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त घर के साजो सामान के नुकसान पर 70 हजार रुपये, किरायेदारों के सामान के नुकसान पर 50 हजार रुपये, मकान में गाद भर जाने पर 50 हजार रुपये, पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पॉलीहाउस के लिए 25 हजार रुपये, गाद से प्रभावित कृषि और बागवानी भूमि के लिए 6 हजार रुपये प्रति बीघा, फसलों के नुकसान पर 4 हजार रुपये प्रति बीघा प्रदान किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सेब सीजन में अभी तक मार्केट में सवा दो करोड़ सेब की पेटियां पहुंच चुकी हैं। एमआईएस के तहत बागवानों से 67 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की जा चुकी है। बागवानों की मांग पर यूनिवर्सल कार्टन को लागू किया गया है जबकि भाजपा सरकार ने किसानों-बागवानों पर लाठियां चलवाईं। उन्होंने कहा कि पटवारी, जेई और पंचायत सचिव गांवों में जाकर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट बना रहे हैं। सभी जिलों को अभी तक एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और मुख्यमंत्री राहत कोष से 270 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावितों के लिए मिली धनराशि पर भी बड़े भाजपा नेता कुंडली मारकर बैठ गए। उन्होंने कहा कि आपदा में वर्ष 2023 में मनरेगा केे तहत 1000 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में 500 करोड़ की धनराशि जारी की गई। मनरेगा से प्रदेश सरकार 150 दिन का रोजगार दे रही है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष लगातार झूठ बोलकर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि मंडी से सांसद ने राहत के तौर पर एक पैसा भी प्रभावितों की मदद के लिए नहीं दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें