उन्होंने कहा कि नड्डा गलत सूचनाएं और केंद्रीय फंड के कुप्रबंधन के बारे में झूठ फैला रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र हिमाचल के हक का अनुदान रोक रहा है। केंद्र सरकार हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। राज्य के विकास के लिए मिलने वाले करीब 7,000 करोड़ रुपये में कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रदेश को हुए नुकसान की भरपाई के लिए हिमाचल को कोई मदद नहीं दी गई, जबकि भाजपा शासित राज्यों को सीधे आपदा राहत मिली।
राज्य सरकार के निरंतर अनुरोध और केंद्रीय टीम की सिफारिशों के बावजूद, अभी तक राज्य को एक पैसा भी जारी नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश से आने वाले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा केंद्र के समक्ष राज्य के प्रमुख मुद्दों को उठाने में विफल रहे हैं। उन्होंने राज्य के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए कुछ नहीं किया और केवल राजनीतिक लाभ के लिए वह प्रदेशवासियों के अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं। अगर वह प्रदेश का हित चाहते हैं तो वह केंद्र के समक्ष हिमाचल के हितों की पुरजोर वकालत करें।