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Himachal News: मंत्री अनिरुद्ध सिंह बोले- नड्डा बताएं हिमाचल के राजस्व घाटा अनुदान में क्यों की कटौती

Fri, 07 Mar 2025 07:26 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आरोप लगाया कि नड्डा प्रदेश के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल के हितों की अनदेखी कर रह हैं और प्रदेश सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नड्डा बताएं कि हिमाचल के राजस्व घाटा अनुदान में कटौती क्यों की गई। अनिरुद्ध सिंह ने आरोप लगाया कि नड्डा प्रदेश के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। एकाएक हिमाचल के प्रति उनका स्नेह जाग रहा है।

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अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि राज्य में वित्तीय संकट पर अनावश्यक बयानबाजी कर रहे जेपी नड्डा को पता होना चाहिए कि पिछली भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन प्रदेश पर पहले से ही 75,000 करोड़ रुपये का भारी कर्ज था। सरकारी कर्मचारियों के लंबित बकाया के रूप में 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारियां थीं। पिछली भाजपा सरकार की फिजूलखर्ची से उत्पन्न हुई विकट वित्तीय स्थिति पर अब भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान बांट रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि नड्डा गलत सूचनाएं और केंद्रीय फंड के कुप्रबंधन के बारे में झूठ फैला रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र हिमाचल के हक का अनुदान रोक रहा है। केंद्र सरकार हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। राज्य के विकास के लिए मिलने वाले करीब 7,000 करोड़ रुपये में कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रदेश को हुए नुकसान की भरपाई के लिए हिमाचल को कोई मदद नहीं दी गई, जबकि भाजपा शासित राज्यों को सीधे आपदा राहत मिली।

राज्य सरकार के निरंतर अनुरोध और केंद्रीय टीम की सिफारिशों के बावजूद, अभी तक राज्य को एक पैसा भी जारी नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश से आने वाले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा केंद्र के समक्ष राज्य के प्रमुख मुद्दों को उठाने में विफल रहे हैं। उन्होंने राज्य के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए कुछ नहीं किया और केवल राजनीतिक लाभ के लिए वह प्रदेशवासियों के अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं। अगर वह प्रदेश का हित चाहते हैं तो वह केंद्र के समक्ष हिमाचल के हितों की पुरजोर वकालत करें।
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