इसके बाद दल डल झील के लिए कूच किया। संचूई के शिव चेले जैसे ही गांव से निकले, रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। शिव भक्तों ने जयकारे लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण पड़ाव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। संचूई के शिव चेलों के साथ दशनामी अखाड़े की छड़ी, कार्तिक स्वामी की छड़ी, चरपटनाथ की छड़ी और भादवाही की छड़ी भी डल झील की ओर रवाना हुई हैं। सभी छड़ियां और शिव चेले गुरुवार रात धनछोह में रुकेंगे। शुक्रवार सुबह यहां से आगे का सफर शुरू कर दोपहर तक डल झील पहुंचेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भी डल झील पहुंचने की संभावना है।