फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मणिमहेश यात्रा: शिव चेले 18 सितंबर को तोड़ेंगे डल झील, फिर शुरू होगा पवित्र शाही स्नान

Thu, 17 Sep 2026 06:48 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, भरमौर (चंबा)।

सार

धार्मिक मान्यता के अनुसार राधाष्टमी के दिन होने वाली इस रस्म के साथ ही श्री मणिमहेश यात्रा का महत्वपूर्ण धार्मिक चरण पूरा होता है।  राधाष्टमी के पावन अवसर पर डल झील तोड़ने की सदियों पुरानी परंपरा निभाने के लिए संचूई गांव के शिव चेले गुरुवार को भरमौर से मणिमहेश की ओर रवाना हुए।
विज्ञापन
मणिमहेश में बर्फ से ढका डल झील क्षेत्र। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

त्रिलोचन महादेव के वंशज संचूई के शिव चेले शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे डल झील पहुंचकर झील तोड़ने की रस्म निभाएंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार राधाष्टमी के दिन होने वाली इस रस्म के साथ ही श्री मणिमहेश यात्रा का महत्वपूर्ण धार्मिक चरण पूरा होता है। राधाष्टमी के पावन अवसर पर डल झील तोड़ने की सदियों पुरानी परंपरा निभाने के लिए संचूई गांव के शिव चेले गुरुवार को भरमौर से मणिमहेश की ओर रवाना हुए। चौरासी मंदिर की परिक्रमा करने और श्री मणिमहेश मंदिर में दर्शन के बाद शिव चेलों ने वहां मौजूद शिव भक्तों को आशीर्वाद दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद दल डल झील के लिए कूच किया। संचूई के शिव चेले जैसे ही गांव से निकले, रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। शिव भक्तों ने जयकारे लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण पड़ाव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। संचूई के शिव चेलों के साथ दशनामी अखाड़े की छड़ी, कार्तिक स्वामी की छड़ी, चरपटनाथ की छड़ी और भादवाही की छड़ी भी डल झील की ओर रवाना हुई हैं। सभी छड़ियां और शिव चेले गुरुवार रात धनछोह में रुकेंगे। शुक्रवार सुबह यहां से आगे का सफर शुरू कर दोपहर तक डल झील पहुंचेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भी डल झील पहुंचने की संभावना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें