यात्रा पर एक बार पंजीकरण होने के बाद श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान कहीं पर भी पंजीकरण फीस वसूली नहीं जाएगी। बशर्ते, श्रद्धालुओं को पंजीकरण संबंधी रसीद की हार्ड प्रति या फोटो मोबाइल पर रखनी होगी। इसे दिखाने के बाद उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। भरमौर परिक्षेत्र के दायरे में स्थापित पंजीकरण केंद्रों पर भीड़ कम करने के लिए जिला प्रशासन ने यह पहल की है। मणिमहेश यात्रा में हर साल देश के कोने-कोने से हजारों शिवभक्त पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं।
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शिव भक्त पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह, डोडा से वाया लंगेरा से सलूणी-चंबा होते हुए भरमौर को अकेले या जत्थों में कूच करते हैं। वहीं, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई, दिल्ली, हरियाणा समेत हिमाचल के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु वाया लाहडू, तुन्नूहट्टी से चंबा होकर भरमौर रवाना होते हैं। शिवभक्तों को रियायत देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिला के प्रवेश द्वारों में पंजीकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 10 और 11 अगस्त को उपायुक्त चंबा स्वयं भी भरमौर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए रवाना होंगे।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि जिला के प्रवेशद्वारों पर पहली बार प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए पंजीकरण केंद्र स्थापित होंगे। यहां पर पंजीकरण शुल्क अदा करने पर रसीद मिलेगी। रसीद की प्रति या फोटो के आधार पर उनसे आगे पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।