3 अगस्त को अजय कुमार पुत्र पुरुषोत्तम निवासी कांगड़ा की मौत हुई। 25 अगस्त को अमन निवासी सुजानपुर, रोहित पठानकोट, अनमोल गुरदासपुरा और दर्शना देवी की मौत हुई। 26 अगस्त को यात्रा पर निकलीं सलोचना देवी और कविता देवी की मौत हुई। 28 अगस्त को कुगति ट्रैक पर सागर भटनागर की मौत हुई। इसके अलावा भरमौर में हरविंद्र, तरसेम और एसडीआरएफ की सूचना पर कुगति के हनुमान शिला के समीप चार शव बरामद किए, इनकी शिनाख्त नहीं हो पाई हैं।
भरमौर में खाद्य सामग्री का संकट, लंगरों में भी नहीं बचा सामान
प्राकृतिक आपदा के बीच भरमौर उपमंडल में खाद्य सामग्री की कमी हो गई है। भरमौर में श्रद्धालुओं के लिए लगने वाले लंगरों में भी अब खाद्य सामग्री नहीं बची है। महज शनिदेव मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग श्रद्धालुओं को खाना खिलाने के साथ चायपान करवा रहे हैं। यह खुलासा भरमौर से पैदल 50 किलोमीटर का सफर तय कर जांघी पहुंचे पठानकोट निवासी साहिल महाजन ने किया।
उन्होंने कहा कि भरमौर उपमंडल में वर्तमान समय में 1,200 के करीब श्रद्धालु कमरों में ठहरे हुए हैं। इसमें बच्चों वाले परिवारों ने भरमौर से चंबा को पैदल कूच करने के लिए सीधे तौर पर मना कर दिया है। अब महज युवा ही अपने दम पर भरमौर से चंबा की ओर पैदल रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में मौसम का रुख नहीं बदला तो आगामी दिनों में भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को खाने के लाले पड़ सकते हैं। भरमौर में श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए लंगरों में खाद्य सामग्री का खत्म होना इसकी मुख्य वजह है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि भरमौर में सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं।