सुबह झील में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। इस बार करीब दस हजार श्रद्धालुओं ने डल में आस्था की डुबकी लगाई। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में छोटे शाही स्नान में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर, पंजाब के साथ गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मणिमहेश पहुंचे। अब छोटे शाही स्नान के बाद भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम जारी रहेगा और राधाष्टमी के बड़े शाही स्नान तक डल झील में आस्था का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।
चार श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी, दो एंबुलेंस और दो हेली टैक्सी से अस्पताल पहुंचाए
श्री मणिमहेश यात्रा-2026 के दौरान शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर चार श्रद्धालुओं को उपचार के लिए सिविल अस्पताल भरमौर पहुंचाया गया। इनमें दो को एंबुलेंस और दो को हेली टैक्सी से अस्पताल लाया गया। बीएमओ भरमौर डॉ. दीपेश बराल ने बताया कि सभी की हालत स्थिर है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डोडा, जम्मू निवासी शिल्पा को सांस लेने में दिक्कत के चलते एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया। जम्मू-कश्मीर निवासी डिंपल को घबराहट की शिकायत पर अस्पताल पहुंचाया गया। उनका ईसीजी सामान्य पाया गया। चेन्नई निवासी गौरी को सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द और तीन दिन से नींद न आने की शिकायत के चलते हेली टैक्सी से अस्पताल लाया गया। वहीं, चेन्नई निवासी मोहना को सिरदर्द और खांसी की शिकायत के बाद हेली टैक्सी से अस्पताल पहुंचाया गया।
बीएमओ ने बताया कि चारों श्रद्धालुओं को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर है।