सुंदरनगर (मंडी)। पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. नवीन कुमार ने कहा कि कृषक उत्पादक संगठन को आगे बढ़ाने के लिए मन से कार्य करने की आवश्यकता है। इससे यह संगठन लंबे समय तक चलता रहे और इसका फायदा सदस्यों को निरंतर मिले। देश में कई ऐसे किसानों के संगठन कार्य कर रहे हैं जिन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता से अपने यूनिट स्थापित किए हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर की ओर से कृषक उत्पादक संगठनों की समीक्षा के लिए बैठक का आयोजन किया। यह समीक्षा बैठक केंद्र की ओर से जिले में बतौर सीबीबीओ संचालित किए जा रहे तीन कृषक उत्पादक संगठनों के लिए आयोजित की गई। इसमें लगभग बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के 25 सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में कृषक उत्पादक संगठनों की वर्तमान स्थिति, समस्याओं का अवलोकन किया। भविष्य के लिए रोड मैप बनाने पर भी चर्चा की। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डाॅ. नवीन कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे संगठन से जुड़े अन्य किसानों में कृषक उत्पादक संगठन के प्रति अपनेपन की भावना उत्पन्न करें। बताएं कि बिजनेस की सफलता में उन्हीं की सफलता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि कृषक उत्पादक संगठन अपने निर्धारित उत्पादों के विक्रय के अलावा प्रसंस्करण की भी संभावना तलाशें।
इससे पूर्व केंद्र की प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. कविता शर्मा ने बैठक के उद्देश्यों की जानकारी दी। इस मौके पर केंद्र के वैज्ञानिकों डाॅ. डीएस यादव, डाॅ. एलके शर्मा, डाॅ. कल्पना आर्य, डाॅ. बृज वनिता, डाॅ. नेहा चौहान के अलावा हिमाचल किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सीता राम वर्मा आदि भी मौजूद रहे। संवाद