हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दिया जाएगा प्रशिक्षण
सीआरपी एचएनजी की कार्यकर्ता प्रदेश की 4 लाख महिलाओं को करेंगी प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश में 44 हजार स्वयं सहायता समूहों की 4 लाख महिलाएं स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के जरिये अपने परिवार की बचत कर पाएंगी और उन्हें बीमार होने से बचाएंगी। इसके लिए मंडी जिले में हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 6 जिलों की सीआरपी एचएनजी की कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। डीआरडीए के सहयोग से आयोजित शिविर में स्टेट प्रोग्राम मैनेजर ओम प्रकाश प्रशिक्षण दे रहे हैं।
चार दिवसीय प्रशिक्षण में पहुंचीं कांगड़ा, मंडी, ऊना, कुल्लू, चंबा और बिलासपुर के 8 विकास खंडों की महिलाओं को आजीविका और बचत की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता पर ध्यान देकर परिवार की बचत करवाने के बारे में बताया जा रहा है। इसके बाद इसे बड़े पैमाने पर प्रदेश के 32 ब्लाकों में शुरू किया जाएगा।
प्रशिक्षण लेने के बाद प्रशिक्षणार्थी महिलाएं प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आमदनी और बचत बढ़ाने, बीमारी पर होने वाले फालतू खर्चों को रोकने के लिए स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के संबंध में समझाएंगी। साथ ही महिलाओं को जीवन के पहले 1000 दिनों में निवेश के महत्व और बच्चों की देखभाल और आहार के बारे में भी बताएंगी। शिशु के मां के गर्भ में आने से लेकर उसके दूसरे जन्मदिन तक के कुल दिनों को मिलाने पर 1000 दिन पूरे होते हैं। इसके अलावा शिशु के स्वास्थ्य के लिए स्तनपान से होने वाले लाभों, 6 माह से 23 माह तक के बच्चे को समय-समय पर पूरक आहार देने के महत्व को भी समझाएंगी।
योजना के मैनेजर ओम प्रकाश ने बताया कि प्रशिक्षण का मकसद परिवार को स्वस्थ रखकर ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को बढ़ाना है। इसे पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा। महिलाएं अपने स्वास्थ्य के अलावा परिवार का अच्छे से ध्यान रखकर फालतू खर्चों पर रोक लगा सकती हैं।