मंडी। नगर निगम क्षेत्र में अब महिलाएं पानी के बिल बांटेगी और पेयजल की गुणवत्ता की जांच भी करेंगी। नगर निगम और जल शक्ति विभाग ने भीमा काली स्वयं सहायता समूह, शिव महिमा स्वयं सहायता समूह और देवी अंबिका स्वयं सहायता समूह को यह कार्य सौंपा है। अमृत योजना के तहत महिलाएं शहरवासियों को पेयजल को व्यर्थ न बहाने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगी।
अमृत योजना के तहत, महिलाओं को शहरी बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से जल आपूर्ति और सीवेज सिस्टम के संबंध में सशक्त बनाने और शिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस योजना के तहत महिलाओं को पानी के महत्व, जल संरक्षण और पानी की गुणवत्ता के परीक्षण जैसे पहलुओं के बारे में शिक्षित कर सशक्त बनाना है। ये महिलाएं लोगों को पेयजल बचाने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगी। इन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पानी के बिल तैयार करने के साथ-साथ प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कि महिलाएं अपने इस कार्य में निपुण हो सके।
जलशक्ति विभाग और नगर निगम की ओर से आने वाले दिनों में महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें महिलाओं को हर पहलू का बारीकी से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य जल संरक्षण और पानी की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
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नगर निगम क्षेत्र में महिलाओं को पानी के बिल वितरित करने का दायित्व सौंपा जा रहा है। पेयजल स्रोतों में पानी की गुणवत्ता की परख भी ये महिलाएं करेंगी। अमृत योजना के तहत तीन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यह जिम्मेदारी दी जा रही है। जल्द ही महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
-रोहित राठौर, आयुक्त, नगर निगम मंडी
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