26 हजार हेक्टेयर वन भूमि को आग से बचाने के लिए 56 बीटों में महिला वन रक्षक तैनात
स्वच्छता, पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में निभा रहीं अहम भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर वन मंडल की 26 हजार हेक्टेयर भूमि को फायर सीजन में आग की घटनाओं से बचाने के लिए 56 बीटों में महिला वन रक्षक 24 घंटे तैनात हैं। महिला वन मित्र न केवल वन विभाग के स्वच्छता, पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को निभा रही हैं, बल्कि कार्यालयी कामकाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। फायर सीजन में दुर्गम क्षेत्रों के जंगलों में तैनाती के बावजूद उनके हौसले बुलंद हैं।
एसीएफ अश्वनी कुमार ने बताया कि वन परिक्षेत्र लडभड़ोल, उरला, टिक्कन, कमलाह, धर्मपुर और जोगिंद्रनगर में आग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए वन विभाग की 200 से अधिक कर्मियों की टास्क फोर्स फील्ड में तैनात है। इनमें महिला वन मित्र और वन रक्षक 24 घंटे जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही 6 रेंज अधिकारी, 18 ब्लॉक अधिकारी, महिला मंडल और फायर वॉचर भी बहुमूल्य वन संपदा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जोगिंद्रनगर में इस वर्ष आग की लगभग 40 घटनाओं में करीब 200 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
डीएफओ वन मंडल जोगिंद्रनगर अश्वनी शर्मा का कहना है कि बहुमूल्य वन संपदा को आग से बचाने के लिए महिला वन रक्षक और महिला वन मित्र 24 घंटे सेवाओं में तैनात हैं। इसके अलावा 6 रेंज अधिकारी, 18 ब्लॉक अधिकारी, फायर वॉचर, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और युवक मंडल भी जंगलों को आग से सुरक्षित रखने में वन विभाग के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।