जोनल अस्पताल मंडी में गर्भवती महिला की मौत के बाद एकत्र हुए लोग
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मंडी। जोनल अस्पताल मंडी के लेबर रूम में रविवार को प्रसव से पहले गर्भवती महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने लेबर रूम में तैनात स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन के लचर प्रबंधन से जच्चा-बच्चा की जान गई है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और लेबर रूम के स्टाफ के खिलाफ डीसी और पुलिस से शिकायत कर दी है।
परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया। गर्भवती महिला के साथ आई देवरानी नागेंद्रा ने बताया कि उसकी जेठानी प्रोमिला पत्नी भवन कुमार निवासी त्रैंबला को 15 सितंबर को प्रसव पीड़ा हुई। उसी दिन उसे जोनल अस्पताल मंडी लाया गया और शाम को उसे दाखिल कर लिया। उस दिन गायनी वार्ड में किसी गायनी विशेषज्ञ ने उसकी जांच नहीं की। उसके अगले दिन छुट्टी होने के कारण कोई डाक्टर गायनी वार्ड में जांच के लिए नहीं आए। 17 सितंबर को गायनी विशेषज्ञ ने सुबह लगभग 11 बजे प्रोमिला देवी को चेक किया और दवाई शुरू की। रात को हल्की प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। रविवार सुबह लगभग चार बजे प्रसव पीड़ा तेज हो गई। लेबर रूम में तैनात स्टाफ को जब इस बारे में बताया तो उसे लेबर रूम ले जाया गया। उन्होंने वहां तैनात स्टाफ से डाक्टर को बुलाने को कहा तो उन्होंने कहा कि यह सामान्य पीड़ा है। इसके बाद उसे ग्लूकोज में मिलाकर इंजेक्शन लगाया गया।
कुछ देर बाद प्रसव पीड़ा अचानक बंद हो गई। इतने में डाक्टर भी वहां पहुंच गए, लेकिन डाक्टर के पहुंचने के कुछ ही देर बाद जच्चा व बच्चा की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि डाक्टर के पहुंचने से कुछ देर पहले बच्चे की गर्भ में मौत हो गई थी। इसके चलते महिला की भी मौत हो गई। नागेंद्रा का कहना है कि यह सब विभाग की लापरवाही से हुआ है। अगर समय पर उसकी जेठानी को चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. देशराज शर्मा ने कहा कि अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। वहीं, एसपी मंडी प्रेम ठाकुर ने कहा कि महिला के परिजनों की शिकायत मिली है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।