मंडी। यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में दर्ज है, परंतु किसी वजह से मतदाता पहचान पत्र (एपिक कार्ड) नहीं है, तो भी वह लोकसभा चुनाव में मताधिकार का उपयोग कर सकेगा। अपनी पहचान बताने के लिए मतदाता को 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक दिखाना होगा।
12 वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड शामिल है। इसके अलावा फोटो सहित पेंशन दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, केंद्र या राज्य सरकारों या पीएसयू द्वारा जारी फोटोयुक्त सेवा आई कार्ड, बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड और सांसद और विधायक को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र शामिल है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि जब तक मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं होगा तब तक मतदान नहीं कर किया जा सकता है, भले ही उसके पास मतदाता पहचान पत्र ही क्यों न हो। उन्होंने बताया कि लोकसभा निर्वाचन-2024 को मद्देनजर रखते हुए जिले की सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की छूटे हुए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने नए मतदाताओं के लिए रजिस्ट्रेशन के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्तूबर माह की पहली तारीख को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर वोटर मतदाता सूची में अपना दर्ज किया जा सकता है। इन संशोधनों के दृष्टिगत जो युवा 1 अप्रैल 2024 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, वह अपना नाम मतदाता सूची में 4 मई 2024 तक दर्ज करवा सकते हैं।