विभागीय टीमें पर पहुंची, पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। बल्ह उपमंडल की रति खड्ड में बड़ी संख्या में छोटी मछलियां एवं अन्य जलीय जीव मृत अवस्था में पाए गए। कई मछलियां पानी की सतह पर बहती हुई देखी गईं। खड्ड के पानी का रंग काला पड़ने से उसकी गुणवत्ता में अचानक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पानी से आ रही जहरीली गंध के कारण आसपास के क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। प्रारंभिक तौर पर औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) से निकलने वाला दूषित पानी या किसी सीवरेज लाइन से रिसाव को इसकी वजह माना जा रहा है। रत्ती पंचायत के प्रधान श्याम लाल ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी खड्ड का पानी गंदा होने से जलीय जीवों की मौत हो रही है। इससे क्षेत्र में पानी के स्रोतों पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। जल शक्ति विभाग की तीन उठाऊ पेयजल योजनाओं के स्रोत भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उद्योग विभाग, मत्स्य विभाग (फिशरी), जल शक्ति विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पानी के नमूने एकत्रित कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रदूषण के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इधर, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण के स्रोत का शीघ्र पता लगाकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि रति खड्ड के प्राकृतिक पर्यावरण और जलीय जीवन की रक्षा की जा सके।
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प्रारंभिक जांच में पानी में नाइट्रोजन की मात्रा अधिक पाए जाने से जलीय जीवों की मौत की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। -रिचा गुप्ता, वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी, जिला मंडी