मंडी। जिले के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में अब टैंकरों से पेयजल की राशनिंग की जाएगी। मौसम की बेरुखी से जिला में जल संकट गहराने गया है। जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने टैंकरों से पेयजल की राशनिंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नौ अप्रैल को टैंकरों से जिला में पानी की राशनिंग के लिए टेंडर लगाए जाएंगे।
इसके अलावा बग्गी डिवीजन के तहत कलखर में आईपीएच विभाग ने विभागीय टैंकर से पेयजल सप्लाई शुरू कर दी है। जिला में 150 पेयजल योजनाओं में सूखे की मार पड़ी है। 25 से अधिक पेयजल योजनाओं में 80 फीसदी के लगभग जलस्तर में कमी आ गई है।
आईपीएच विभाग ने पेयजल की समस्या से त्रस्त 57 क्षेत्रों को चिन्हित किया है। आईपीएच विभाग ने इन क्षेत्रों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। जिन क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के जल स्तर में अधिक कमी आई है वहां हैंडपंप लगाने की प्रक्रिया भी विभाग ने शुरू कर दी है। तीन माह के भीतर विभाग ने जिले में 85 हैंडपंप लगा दिए हैं। इनमें से 14 हैंडपंप अप्रैल माह में सूखाग्रस्त क्षेत्रों में लगाए गए है। वर्तमान में जिले में 1475 विभागीय पेयजल योजनाओं से लोगों को पेयजल सप्लाई किया जा रहा है।
जिसमें से 150 के लगभग योजनाओं में जलस्तर में कमी आई है। जिस कारण विभाग व प्रशासन को टैंकरों से पेयजल की राशनिंग का निर्णय लेना पड़ा है। विभाग ने अप्रैल माह में ही टैंकरों से पेयजल सप्लाई शुरू करने की योजना बना दी थी। इसके लिए जिला प्रशासन से बैठक कर ली गई थी। मौसम अप्रैल में कुछ हद तक मेहरबान रहा और बादल बरसे। जिससे कुछ समय के लिए पेयजल योजनाएं रिचार्ज हो गईं लेकिन फिर जलसंकट ने आईपीएच विभाग व जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कितनी योजनाओं में कितना घटा पेयजल
जल स्तर में कमी (प्रतिशत में) प्रभावित पेयजल योजनाएं
0-25 72
25-50 42
50-75 14
75 से अधिक 13
कोट्...........
जहां-जहां पेयजल की कमी आई है। वहां पर हैंडपंप भी लगाए गए हैं। वहीं, बल्ह के बग्गी क्षेत्र में भी एक विभागीय टैंकर से पेयजल की राशनिंग की जा रही है। विभाग ने 57 क्षेत्रों की रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है। जहां पर पेयजल योजनाओं में जल स्तर काफी हद तक गिर चुका है।
...राजेश बख्शी चीफ इंजीनियर आईपीएच विभाग मंडी जोन