गोहर (मंडी)। उपमंडल की बाल्हड़ी पंचायत के डली गांव में बड़े भाई के घर देवता की मेहमाननवाजी में पहुंचे सोमनाचनी के विशन लाल ने कभी सोचा नहीं होगा कि मौत उनका इंतजार कर रही है। मेहमाननवाजी में फुर्सत मिलने पर विशन लाल और उनके चाचा रामकृष्ण शिकार के लिए जंगल चले गए।
इस दौरान यह हादसा हो गया। मंगलवार को विशन लाल का शव सोमनाचनी में पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन था। परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उनके दोनों बच्चे भी गमगीन थे। यही हाल डली में था। यहां रामकृष्ण का शव पहुंचते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। दोनों मृतक आपस में चाचा और भतीजा थे।
चाचा रामकृष्ण के हाथों भतीजे विशन लाल की गोली लगने से मौत हो गई। इससे वह भयभीत हो गया और खुद को भी गोली से उड़ा लिया।
डली में सोमवार देर सायं सनसनीखेज वारदात ने मंडी जिले में सनसनी फैला दी। चाचा अपने पीछे पत्नी, चार बेटियां और एक बेटा जबकि भतीजा पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गया है। दोनों परिवारों के लिए यह घटना असहनीय है। बाल्हड़ी पंचायत के डली जंगल में सुअर का शिकार चाचा और भतीजे के परिजनों को उम्रभर के जख्म दे गया है।
इससे पहले भी प्रदेश में शिकार के दौरान गोली लगने से अनेक मौतें हो चुकी हैं। जंगली जानवरों ने किसानों की नींद हराम कर रखी है। इस वजह से किसान परेशान हैं। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है। घटना की छानबीन की जा रही है। संवाद
000