जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर के नागरिक अस्पताल में वायरल फीवर और टाइफाइड के संभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मरीजों की बढ़ती ओपीडी के चलते अस्पताल की प्रयोगशाला में रोजाना 1200 से अधिक विभिन्न प्रकार के टेस्ट किए जा रहे हैं।
उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में डेंगू के संभावित मरीजों को बिना जांच कराए उपचार न लेने की सलाह दी गई है। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर, लडभड़ोल और सामुदायिक अस्पताल चौंतड़ा में वायरल फीवर, उल्टी और दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी 400 के पार पहुंच गई है।
चिकित्सक डायरिया और अन्य संक्रमण संबंधी बीमारियों के संभावित मामलों में जांच को प्राथमिकता दे रहे हैं। सोमवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर स्थित अधिकृत निजी क्रस्ना प्रयोगशाला में जांच करवाने के लिए मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। पीलिया की आशंका वाले मरीजों के साथ टाइफाइड के लक्षण वाले लोगों के भी टेस्ट किए गए। अस्पताल में सोमवार को 150 से अधिक मरीजों के लीवर, किडनी, शुगर सहित अन्य आवश्यक जांचें हुईं। कुल मिलाकर दिनभर में 1200 से अधिक टेस्ट किए गए।
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नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में वायरल फीवर से संभावित मरीजों में टाइफाइड और डेंगू की बीमारी के लक्षण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए टेस्ट अनिवार्य किए हैं। उल्टी, दस्त के मरीजों की ओपीडी बढ़ी है। पीलिया की बीमारी क्षेत्र में अभी नहीं है। -डा. विकास नाथ, एसएमओ नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर
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सरकार की अधिकृत निजी क्रस्ना लैब में रोजाना 150 से अधिक मरीजों के अलग-अलग प्रकार के 1200 टेस्ट हो रहे हैं। डेंगू, टाइफाइड और पीलिया के मरीजों की पॉजिटिव रिपोर्ट फिलहाल नहीं है। उल्टी, दस्त, पेट दर्द के मरीजों में डायरिया के संभावित लक्षण की रिपोर्ट भी सामान्य है। -सरिता ठाकुर, प्रभारी क्रस्ना लैब, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर