चच्योट में उप डाकघर बंद करने के विरोध में प्रदर्शनकारी महिलाओं को शांत करते हुए एसएसपीओ और डीएस
गोहर (मंडी)। चच्योट स्थित उप डाकघर के स्थानांतरण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन जारी रखा। एसडीएम गोहर के निर्देश पर मौके पर पहुंचे डाक विभाग के प्रवर अधीक्षक संजय कुमार का ग्रामीणों ने घेराव कर दिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बात की लेकिन मामला सुलझता नजर नहीं आ रहा है।
चच्योट में दशकों से संचालित उप डाकघर को डाक विभाग की ओर से किसी अन्य कार्यालय में मर्ज किए जाने की योजना बनाई गई है। इसके विरोध में स्थानीय ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चच्योट में डाक विभाग की अपनी जमीन होने के बावजूद डाकघर को बंद करने की साजिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि चच्योट में डाक विभाग के नाम पर रजिस्टर्ड जमीन मौजूद है। इस जमीन के रखरखाव और विकास के लिए पूर्व सांसद ने अपनी सांसद निधि से लगभग 6.5 लाख रुपये खर्च किए थे। मौके पर एसडीएम गोहर और डीएसपी मंडी दिनेश कुमार भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन इतना उग्र था कि ग्रामीणों ने डाक विभाग के अधिकारियों का घेराव कर दिया। पुलिस को अधिकारियों की सुरक्षा के लिए घेरा बनाना पड़ा। ग्रामीणों की मांग है कि अधिकारी लिखित में दें कि चच्योट में उप डाकघर यथावत रहेगा।
प्रवर अधीक्षक डाक विभाग संजय कुमार ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की कि वे चच्योट में सब पोस्ट ऑफिस बनाए रखने के लिए सहमत हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार तकनीकी रूप से यह कार्यालय मर्ज हो चुका है, लेकिन अब यहां ब्रांच कार्यालय खोलने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य डाकपाल शिमला को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है। ब्रांच खुलते ही शेष सभी तरह का लेन-देन पहले की तरह जारी रहेगा।
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