करसोग (मंडी)। उपमंडल करसोग के बरल में लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सब्जी मंडी का तीन साल बाद भी क्षेत्र के बागवानों और किसानों को लाभ नहीं मिला है। 2013 में सब्जी मंडी का काम पूरा हो चुका है। सब्जी मंडी का आधारभूत ढांचा शोपीस बना हुआ है लेकिन सब्जी मंडी को आज तक चालू नहीं किया गया। सब्जी मंडी के अभाव में क्षेत्र के बागवानों और किसानों को अपनी नकदी फसलें बेचने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व भाजपा सरकार के समय 15 जनवरी 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने करसोग के बरल में सब्जी मंडी का शिलान्यास किया था। इस सब्जी मंडी के बनने से एप्पल वैली करसोग के बागवानों और किसानों को नकदी फसल घर द्वार पर ही बेचने की सुविधा मिलनी थी। वर्ष 2013 में सब्जी मंडी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिस पर 77 लाख रुपये की राशि खर्च की गई। सरकारी खजाने से लाखों की राशि खर्च करने के बाद भी बागवानों और किसानों को विपणन की सुविधा नहीं मिली है।
आवाज संस्था के अध्यक्ष युवराज कपूर, किसान संघ के अध्यक्ष और उपप्रधान ग्राम पंचायत सानणा नारायण सिंह ठाकुर, सोमेश ठाकुर, कृष्ण कुमार, टेक चंद, राकेश शर्मा, जवालू राम का कहना है कि 77 लाख से सब्जी मंडी का भवन बनने के बाद भी सरकार इसका लोकार्पण नहीं कर रही है। जिस कारण क्षेत्र के किसानों और बागवानों को अपनी नकदी फसलें बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सब्जी मंडी में बना शेड और भवन खंडहर में तबदील हो रहा है।
कई बार स्थानीय लोग सब्जी मंडी चालू करने के लिए सरकार को अवगत करवा चुके हैं। युवराज कपूर ने कहा कि सरकारी पैसे की बर्बादी हो रही है। जनता द्वारा दिए गए टैक्स के पैसों से बने सब्जी मंडी के भवन का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। अगर जल्द इस सब्जी मंडी का लोकार्पण नहीं किया गया तो स्थानीय लोग लामबंद होकर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
कोट्स
कृषि उपज एवं विपणन समिति के सचिव भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि करसोग के बरल में सब्जी मंडी पर 77 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है। 2013 में भवन तैयार हो चुका है। उचित सड़क मार्ग न होने के कारण सब्जी मंडी का लोकार्पण नहीं हो पाया है। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। जैसे ही सड़क की व्यवस्था हो जाएगी वैसे ही सब्जी मंडी का लोकार्पण कर दिया जाएगा।