पंचवक्त्र मंदिर के आसपास के मकानों को खाली करवाया, बाढ़ में फंसे कई लोगों का किया बचाव
बाड़ी गांव, पंडोह बांध और कन्या स्कूल मंडी में भी लोगों को बचाने के लिए प्रशासन ने चलाए रेस्क्यू ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। समय करीब 10 बजकर दस मिनट, स्थान मंडी शहर का पड्डल मैदान। अचानक पूरे शहर में आपातकालीन वाहनों एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और कई सरकारी वाहनों की घंटियां और सायरन बजने लगे। लोगों बहुत हैरान होकर एक-दूसरे की तरफ देखने लगते हैं। सेरी मंच और गांधी चौक के अलावा सुकेती पुल, स्कूल बाजार सभी तरफ सायरनों की गूंज के साथ फायर, ब्रिगेड और एंबुलेंस तेजी से भागे जा रह हैं। पता चला कि बाढ़ के चलते पंचवक्त्र मंदिर, गर्ल स्कूल, जोनल अस्पताल और बाड़ी गुमाणू गांव में लोग फंसे हैं। इस पर उनको बचाने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू किया है।
ब्यास का पानी पंचवक्त्र मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। कई लोग पानी में फंसे हैं। कई घायल हैं। उनको बचाने के लिए एनडीआरएफ, पुलिस, एसडीआरएफ, होम गार्ड्स, लोकनिर्माण विभाग, बीएसएनएल और फायरमैन जुटे हैं। घायलों को उठाकर एंबुलेंस से अस्पतालों भेजा जा रहा है। कई डॉक्टर मौके पर ही उन्हें उपचार दे रहे हैं।
समय दस बजकर 30 मिनट, स्थान कन्या स्कूल मंडी। स्कूल में भूकंप के चलते भवन क्षतिग्रस्त हो गया। प्लास्टर ईंटें गिरने से कई छात्राएं घायल हो गईं। इनको तुरंत अंदर से निकाला गया और मौके पर ही उपचार दिया गया। गंभीर घायलों को अस्पताल में पहुंचाया गया।
समय 11 बजे, स्थान जोनल अस्पताल मंडी। यहां पर आपातकालीन सेवाएं जारी हैं। घायलों को लेकर एंबुलेंस पहुंची है। कई डॉक्टर और नर्सें और स्टाफ उपचार दे रहे हैं। तीमारदार और परिजन हड़बड़ाहट में इधर-उधर भाग रहे हैं।
दरअसल, जिले में आपदा से बचाव के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आपदा प्रबंधन प्लान को धरातल पर परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की। वीरवार को सुबह 9 बजे मॉक ड्रिल रार अलर्ट मिलते ही आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी दल पड्डल मैदान स्टैजिंग एरिया में डट गए। बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को सुनियोजित एवं कारगर ढंग से अंजाम देने के अभ्यास के लिए मंडी जिला में भी पांच स्थानों पर मॉक एक्सरसाइज की गई। इनमें पंडोह डैम, पंचवक्त्र मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या मंडी, बाड़ी गांव तथा जोनल अस्पताल में अभ्यास किया गया।
मॉक एक्सरसाइज के लिए स्टेजिंग एरिया स्थापित करके बचाव दलों को आवश्यक मशीनरी के साथ घटनास्थलों के लिए रवाना कर दिया। इस दौरान एडीएम अश्वनी कुमार ने रेस्क्यू ऑपरेशनों की निगरानी की गई। दोपहर तक सभी पांच स्थानों पर बचाव एवं राहत कार्यों को पूर्ण कर लिया गया।
क्या बोले डीसी मंडी
उपायुक्त और डीडीएमए के अध्यक्ष अरिंदम चौधरी ने कहा कि किसी भी तरह की आपदा को सुनियोजित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला स्तर पर डीडीएमए के माध्यम से आईआरएस कार्य करता है। इसमें सभी विभागों की भागीदारी निर्धारित की गई है। इस सिस्टम के वास्तविक आकलन और इसमें सुधार के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल की जाती है।
उन्होंने ड्रिल में भाग लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे इस दौरान किए बचाव एवं राहत कार्यों का स्वयं भी आकलन करें तथा भविष्य में इनमें और सुधार की संभावनाओं की दिशा में कार्य करें।