मंडी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मंडी की अदालत ने वर्ष 2018 में हुए एक सड़क दुर्घटना मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने की स्थिति में प्रत्येक धारा के लिए सात दिन का साधारण कारावास भुगतेंगे। अदालत में पेश हुए दोनों आरोपियों मुकेश चंद और हंस राज ने स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार किया। शिकायतकर्ता मुकुल सैण भी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहे।
अदालत ने दोष सिद्ध करते हुए मुकेश चंद को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) तथा मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं 181 और 187 के तहत दोषी पाया। वहीं, हंस राज को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 और 196 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने मुकेश चंद पर कुल 2000 का जुर्माना लगाया जिसमें 1 धारा 279 आईपीसी के तहत एक हजार रुपये, धारा 181 व धारा 187 के तहत 500-500 रुपये जुर्माना शामिल है। वहीं, हंस राज को कुल एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसमें धारा 180 और धारा 196 मोटर वाहन अधिनियम के तहत 500-500 रुपये शामिल है। दोनों अभियुक्तों ने अदालत के समक्ष जुर्माना राशि जमा कर दी और मुकेश चंद ने शिकायतकर्ता मुकुल सैण को पांच हजार रुपये मुआवजा भी अदा किया।
अदालत ने यह मानते हुए कि दोनों अभियुक्त पहली बार अपराधी हैं और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। इस पर सहानुभूतिपूर्वक सजा दी।