जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए करीब दो लाख पेंशनरों में वित्तीय लाभ न मिलने से आक्रोश बढ़ गया है। मुख्यमंत्री की ओर से 40 दिन के अंदर पेंशनरों को वित्तीय लाभ देने की घोषणा के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से पेंशनर महासंघ ने अब धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को जोगिंद्रनगर में हिम आंचल पेंशनर महासंघ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष नेक राम शास्त्री ने कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब में पेंशनरों के पे स्केल में संशोधन होने के बाद सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को वित्तीय लाभ मिलना शुरू हो गया है लेकिन हिमाचल प्रदेश में बीते दस साल से वेतन की विसंगतियों में कोई भी सुधार न होने से करीब एक लाख 80 हजार पेंशनर्स को अपने हक की लड़ाई के लिए सरकार के समक्ष धरने प्रदर्शन के लिए भी लामबंद होना पड़ रहा है।
जिला उपाध्यक्ष प्रकाश वर्मा, राज्य उपाध्यक्ष शरद सिंह ठाकुर ने कहा कि 2016 से 2022 तक सेवानिवृत्त पेंशनरों का भुगतान न होना सरकार की लचर कार्यप्रणाली का संकेत है। पेंशनर नारायण सिंह राणा, नरेंद्र सिंह ठाकुर, कल्याण कटोच, अशोक कुमार गुप्ता, हरदेव सिंह राणा, रत्न चंद, गोपाल चंद शर्मा, ब्रिज गोपाल ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन कर अपना हक लेंगे। बैठक में दान सिंह ठाकुर, महेंद्र राणा, सुभाष, राजमल समेत अन्य मौजूद रहे।