आकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि जिला अध्यक्ष बनने के बाद चंपा ठाकुर ने कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया और संगठन में संवाद की कमी रही। कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से संगठन कमजोर हुआ है। वहीं लाभ सिंह ने आरोप लगाया कि जिला कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए नेतृत्व की कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। दोनों नेताओं ने हाल ही में घोषित नगर निगम और जिला परिषद चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस की हार के कारणों की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने जिला परिषद चुनाव लड़ने के चंपा ठाकुर के फैसले पर भी सवाल उठाए और इसे राजनीतिक रूप से गलत निर्णय बताया। प्रेस वार्ता में नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान से जिला संगठन में बदलाव करने तथा चंपा ठाकुर से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की।
जिला परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान रविवार रात करीब एक बजे सरकाघाट काॅलेज परिसर में हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया। थौना वार्ड के लोगों ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए रिकाउंटिंग (पुनर्मतगणना) की मांग को लेकर रात को ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम सरकाघाट और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। स्थिति उस समय और अधिक गंभीर हो गई, जब कुछ प्रदर्शनकारी एसडीएम की गाड़ी के आगे ही लेट गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है और परिणामों की दोबारा जांच की जानी चाहिए। मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया। पुलिस कर्मी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें सड़क से हटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते रहे लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। लोग रिकाउंटिंग करवाने की मांग दोहराते रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद माहौल धीरे-धीरे सामान्य होने लगा। विधायक दलीप ठाकुर का कहना है कि भाजपा के प्रत्याशी को साजिश के तहत जानबूझ कर हराया गया। दोबारा गणना करवाई जा सकती थी। एसडीएम राजेंद्र गौतम से बार-बार संपर्क करने पर उन्होंने इस बारे में टिप्पणी करने से परहेज किया।