गोहर (मंडी)। पांच विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली डडौर-तत्तापानी (एमडीआर-76) सड़क बीते 15 वर्षों से टारिंग और पैचवर्क के लिए तरस गई है। हालत यह है कि चैलचौक से लेकर करसोग–तत्तापानी तक सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद सुक्खू सरकार के कार्यकाल में भी इस महत्वपूर्ण सड़क की सुध नहीं ली जा रही है।
लोक निर्माण विभाग बजट का हवाला देकर हाथ खड़े कर रहा है, जबकि यह सड़क बल्ह, नाचन, सुंदरनगर, करसोग और शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों की बड़ी आबादी को जोड़ती है। चैलचौक, बाढु, रोहांडा, चौकी, पंडार, बरोहकड़ी, झूंगी से लेकर करसोग–तत्तापानी तक कई हिस्सों में टारिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है। न तो कहीं पैचवर्क हो रहा है और न ही दोबारा टारिंग।
यह सड़क न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मार्ग है। तत्तापानी जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल को जोड़ने वाली इस सड़क से ही क्षेत्र के सेब और अन्य नगदी फसलों का पूरा ट्रांसपोर्ट होता है। सड़क की बदहाली के कारण किसानों, बागवानों, व्यापारियों और यात्रियों को रोजाना जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।
नाचन फल सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष बीके ठाकुर, उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, पूर्व प्रधान टेक सिंह ठाकुर और यादविंदर कुमार ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस सड़क की मरम्मत और टारिंग का काम शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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गर्मी के सीजन में सड़क में टारिंग और पैचवर्क प्रस्तावित है। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को लिखा जा रहा है।
-विशाल चौधरी, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी गोहर
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