जोगिंद्रनगर में राज्य स्तरीय मेले के समापन के बाद खेल मैदान में फैली गंदगी। संवाद
प्लास्टिक बैन की भी धज्जियां उड़ाकर मेला स्थल से चलते बने बाहरी राज्य के व्यापारी
मेले के बाद खेल मैदान में प्लास्टिक कचरे के लगे ढेर, कांच, पत्थर देख हर कोई हैरान
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। राज्य स्तरीय जोगिंद्रनगर मेले के दौरान लाखों रुपये का कारोबार कर व्यापारी मेला स्थल को गंदगी के हवाले कर गए। यहां पर फैली गंदगी से अब सुबह-शाम की सैर के लिए पहुंच रहे शहरवासियों और राष्ट्रीय खेलों के खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण हासिल करना अब परेशानी का सबब बन चुका है। खेल मैदान में न केवल प्लास्टिक कचरा बल्कि कांच के टुकड़े और पत्थर इतने बिखर चुके हैं कि उन्हें हटाना भी चुनौती बन चुका है।
हिमाचल में प्लास्टिक बैन की भी धज्जियां उड़ाकर कारोबारी चलते बने। मेला स्थल में करीब 300 कारोबारियों ने अपनी दुकानें सजाने के लिए खिलाड़ियों के दौड़ने वाले ट्रैक को भी तहस नहस कर दिया है। इस कारण यहां पर सेना और पुलिस का प्रशिक्षण हासिल करने वाले सैकड़ों खिलाड़ियों की दिक्कतें बढ़ चुकी हैं। मेला स्थल में ईंट, पत्थर और कचरे के बड़े ढेर आसपास के लोगों का भी मुंह चिढ़ा रहे हैं। मिनी सचिवालय परिसर के समीप भी गंदगी पसरी हुई है। जोगिंद्रनगर में पहली अप्रैल से 12 अप्रैल तक सजे मेले में कारोबारी मेले में गंदगी फैलाते रहे। इससे अब खिलाड़ियों का मैदान कचरे की डंपिंग साइट में तबदील हो चुका है। जिसे साफ सुथरा करने में भी कई दिन लगेंगे।
खेल प्रशिक्षक उमेश कुमार ने खेल मैदान में फैली गंदगी पर चिंता व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद से आग्रह किया है कि खुले में गंदगी फैलाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस बारे में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी आदित्य चौहान ने बताया कि मेला व्यापारियों को डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की सुविधा भी दी थी। संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने पर पत्राचार शुरू किया जाएगा। मेला स्थल से गंदगी को जल्द हटाने के लिए नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को जिम्मेवारियां सौंपी जा रही हैं।