बल्ह में ओलावृष्टि के बाद खेतों में टमाटर के पौधों को पहुंचा नुकसान।
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नेरचौक (मंडी)। जिले में शनिवार दोपहरबाद भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। बल्ह में ओलावृष्टि से 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए गए टमाटर के अधिकतर पौधे उखड़ गए। साथ ही भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च और खीरे की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
इससे किसानों में मायूसी और चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। किसानों को डर सता रहा है कि दोबारा ओलावृष्टि हुई तो बचे पौधे भी खराब हो जाएंगे।
बल्ह क्षेत्र के किसान टमाटर की फसल अधिक लगाते हैं। इस ओलावृष्टि से बल्ह के रत्ती, ढाबण, ढांगू, राजगढ़, रिग्गड़, गागल, साईं, पैड़ी, सोयरा, नागचला, दोलख आदि स्थानों पर किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का जायजा लेने और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना कि इस बारिश और ओलावृष्टि के कारण उनकी लाखों रुपये की फसल पर संकट आ गया है। एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी का कहना है कि फसल के नुकसान का जायजा लिया जाएगा।
बता दें कि बल्ह घाटी टमाटर की फसल के लिए पूरे हिमाचल में मशहूर है। यहां पर हर साल करोड़ों रुपयों के टमाटर का कारोबार किया जाता है। इस बार ओलावृष्टि के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग से सेवानिवृत्त पूर्व एसएमएस नेत्र सिंह ने बताया कि टमाटर की फसल के लिए ओलावृष्टि घातक होती है। इन महीनों में विशेष तौर पर जब पौधे बढ़ रहे होते हैं तो ओलों से उनकी ग्रोथ प्रभावित हो जाती है।
उधर, ढांगू के किसान धर्म सिंह ने कहा कि दो माह से वह टमाटर की फसल के लिए जद्दोजहद कर रहे थे और अब बारिश ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पौधों को नुकसान हुआ है। राजगढ़ के टमाटर उत्पादक लाल सिंह ने कहा कि ओलों से टमाटर के पौधों को नुकसान पहुंचा है। संवाद