बादल फटने से 110 सड़कों पर यातायात बाधित, सैकडों बीघा जमीन भी बह गई
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर/ बरोट(मंडी)। द्रंग हलके की चौहारघाटी के थल्टूखोड़ के तेरंग और राजबन में बादल फट जाने से लोक निर्माण सर्किल जोगिंद्रनगर की थल्टूखोड गरमाण सड़क के तीन पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, सैकड़ो बीघा जमीन बह गई। 110 सड़कों पर यातायात बाधित हो जाने से अनुमानित 493.65 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है।
उधर, इन पुलों के बहने से विभिन्न क्षेत्रों की हजाराें की आबादी प्रभावित हो रही है। यहां पर थल्टूखोड़-पजोंड छह किलोमीटर सड़क कटने से कई गांवों का संपर्क कट गया है। थल्टूखोड़ पंचायत के प्रधान कलि राम ने कहा कि इस सडक में थल्टूखोड़ गांव का पुल, राखन पुल भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, लटरान पंचायत के 10 गांवों की तीन हजार आबादी प्रभावित हो रही है।
थल्टूखोड नाला में बाढ़ आने से 4 किलोमीटर सड़क बह गई है। प्रधान लटरान जोगिंद्र भागमल और तीर सिंह, काहन सिंह ने बताया कि इस सडक में दो पुल बह गए हैं। 110 सड़कों की बात करें तो बैजनाथ डिविजन की 18, पधर डिविजन की 55 और जोगिंद्रनगर डिविजन की 50 से अधिक सड़कों में यातायात ठप रहा। इससे हजारों लोगों को अपने गंतव्य स्थान में पहुंचने के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ी। बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग सर्किल जोगिंद्रनगर की दस से अधिक जेसीबी मशीनें वीरवार को भी सुबह से शाम तक तैनात रही। लोक निर्माण विभाग सर्किल जोगिंद्रनगर के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि 110 सड़कों पर ल्हासे गिर जाने से यातायात ठप रहा। बताया कि दोपहर तक 50 बाधित सड़कों को छोड़कर अन्य सभी सड़कों को बहाल कर दिया था।
मंडी-पठानकोट हाईवे पर गुम्मा, हराबाग और ढेलू में भूस्खलन
मंडी पठानकोट हाईवे पर गुम्मा हराबाग और ढेलू के समीप भी भूस्खलन हो जाने से यातायात ठप रहा। परिवहन निगम की बसों के अलावा आवश्यक सामग्री के अन्य वाहन भी फंसे रहे। एनएचएआई विभाग के कनिष्ठ अभियंता साहिल जोशी ने बताया कि घट्टा से घटासनी, गुम्मा, छाणंग, पधर, कोटरोपी और साहल, कुन्नू और भ्यूली तक भूस्खलन से बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए एनएचएआई विभाग ने दस जेसीबी मशीन और 15 एलएनटी को पहले से ही तैनात कर रखा था। इस कारण बाधित हाईवे को तत्काल प्रभाव से बहाल भी कर दिया गया।