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Mandi News: काफल की इस बार कम हुई पैदावार, दाम चार सौ से पार

Mon, 20 May 2024 08:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल की हरी भरी वादियों में पैदा होने वाले प्राकृतिक फल काफल की इस बार कम पैदावार होने से इसके दामों में भारी उछाल आया है। मंडी जिले में इस फल की बिक्री 500 रुपये प्रतिकिलो तक हो रही है, जबकि जोगिंद्रनगर में 400 रुपये के पार बिक रहा है। काफल की कम पैदावार होने का कारण अप्रैल में हुई ओलावृष्टि माना जा रहा है।
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जोगिंद्रनगर में छह सालों से काफल का कारोबार करने वाले धनी राम ने बताया कि वह मई और जून माह में करीब 30 क्विंटल से अधिक काफल का कारोबार करते थे। लेकिन इस बार उन्हें अभी तक 80 किलो की खेप ही पहुंच पाई है। उन्होंने बताया कि द्रंग हल्के की चौहारघाटी के सुधार गांव और घटासनी के जंगलों में भी इसकी पैदावार कम हुई है।
मंडी जिला के गोहर ब्लॉक के मौवीसेरी से उन्हें काफल पिछले साल की तुलना में इस बार महंगे दाम में मिले हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के इस प्राकृतिक फल की पैदावार तुंगल घाटी और कटौला में भी कम होने से बाजारों में इसके दाम में उच्छाल आया है। जोगिंद्रनगर शहर की अन्य दुकानों की बात करें तो यहां पर भी मांगानुसार आपूर्ति न होने से इसके दामों में उच्छाल आया है।
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प्राकृतिक फल काफल गर्मी में शरीर में ठंडक प्रदान करता है। मधुमेह और ब्लड प्रेशर के लिए भी इसे रामबाण माना जाता है। लाल व काले रंग के इस फल की ताशीर ठंडी होती है, जिससे पेट की बीमारियों से छुटकारा मिलता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. नीलम ने बताया कि प्राकृतिक फल काफल में कई औषधीय गुण मौजूद है। इसका सही सेवन शरीर के लिए लाभदायक है।
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