अभी तक शुरू नहीं हुआ पंडोह पुल का काम, द्रंग क्षेत्र की नौ पंचायतों के हजारों लोग परेशान
अस्थायी तौर पर बनाया गया झूला पुल भी हुआ खराब
पंडोह पहुंचने के लिए काटना पड़ रहा आठ किलोमीटर चक्कर
सौरभ कुमार
पंडोह (मंडी)। पिछली बरसात में आई आपदा के दौरान पंडोह में जो नुकसान हुआ है, उसके जख्म अभी तक हरे हैं। द्रंग विधानसभा के इलाका बदार की नौ पंचायतों और पंडोह बाजार को जोड़ने वाला 100 साल पुराना पंडोह का लाल पुल जो पिछली बरसात में बह गया था, उसका काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
हैरानी की बात यह है कि दो माह बाद फिर बरसात शुरू होने वाली है। वहीं, पुल बहने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से लाखों रुपये खर्च कर इस स्थान पर एक अस्थायी झूला पुल लगाया था, जिस पर बैठकर लोग आर-पार हो रहे थे। मगर मात्र दो माह बाद ही यह झूला पुल भी खराब हो गया था। अब लोगों को पंडोह पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इलाका बदार निवासी टेकचंद, गोपाल ठाकुर, पंडोह बाजार के कारोबारी रोहित कुमार, केवल कृष्ण, रमन, अश्वनी पठानिया आदि ने बताया कि ब्यास नदी पर पिछले वर्ष बाढ़ में बहे पुल का काम 11 माह बाद भी निर्माण न होने से पंडोह और द्रंग क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। कहा कि मौजूदा समय में द्रंग क्षेत्र की 9 पंचायतों के लोगों को पंडोह पहुंचने के लिए 8 किलोमीटर का अतिरिक्त सफल करना पड़ रहा है, जबकि पूर्व में पंडोह बाजार पहुंचने के लिए ब्यास नदी पर बने लोहे के पुल से होकर मात्र 5 मिनट का रास्ता तय कर पहुंचते थे। द्रंग और सदर विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और विभाग को चेताया कि यदि शीघ्र पंडाेह में ब्यास नदी पर पुल का निर्माण शुरू नहीं किया तो वे सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
इस बारे में अधिशासी अभियंता विनोद शर्मा ने कहा कि सरकारी को पुल के लिए 21 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर भेज दी है। अभी तक इसकी अप्रूवल नहीं मिली है। जैस ही पुल के लिए पैसा आएगा काम शुरू कर दिया जाएगा।