मंडी। मौसम के बदलने और ठंड का एहसास होने से छोटे बच्चे सर्दी-खांसी और वायरल की चपेट में आए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है जबकि अन्य सामान्य लक्षण वालों को दवाई देकर सावधानी बरतने की सलाह देकर घर भेजा जा रहा है। अभी अस्पताल के बाल रोगी वार्ड में 7 रोगियों का उपचार चल रहा है। पिछले दो माह से क्षेत्रीय अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा था और नागरिक अस्पताल गोहर में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ सप्ताह में दो दिन प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं रहे थे।
बुद्धिजीवियों और तीमारदारों की मांग के चलते अस्पताल प्रबंधन ने उनकी सेवाओं को नियमित करते हुए उन्हें प्रतिनियुक्ति आधार पर सप्ताह भर तैनाती देने की व्यवस्था की है। इससे पिछले दो दिनों में अस्पताल में करीब डेढ़ सौ बाल रोगियों की जांच की गई है। इसमें सात वायरल पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती किया है। मौसम में बदलाव आने से अब सर्दी का आभास होने लगा है। चिकित्सक सभी को गर्म कपड़े और पूरे बाजू वाले कपड़े पहनने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही खान पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
बाल रोग विशेषज्ञ आशुतोष का कहना है कि मौसम में बदलाव हो रहा है, छोटे बच्चे अक्सर धूल मिट्टी, पानी से खेलते रहते हैं। सर्दी लगने से वह जल्दी बीमार हो जाते हैं। परिजनों को चाहिए कि बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़ों सहित गर्म जुराबें और जूते पहनाएं। उनके खानपान भी उचित ध्यान रखे। सर्दी-खांसी, जुकाम और डायरिया की शिकायत होने पर शीघ्र नजदीकी अस्पताल में उपचार लें।
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