बालीचौकी क्षेत्र में सड़क बंद होने के कारण कुर्सी पर ले जाते मरीज। स्त्रोत : जागरूक पाठक
बालीचौकी-ओखली-भेखली सड़क 6 माह बाद भी बहाल नहीं
मरीजों को कुर्सी पर ढोने को मजबूर ग्रामीण कड़ी मशक्कत के बाद सड़क तक पहुंचा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। आपदा के छह महीने बीत जाने के बाद भी बालीचौकी–ओखली–भेखली सड़क बहाल नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को बीमार और दिव्यांग लोगों को कुर्सी पर बैठाकर कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है। इस स्थिति से लोगों में रोष लगातार बढ़ रहा है। कई बार मरीजों को दो से ढाई किलोमीटर तक पैदल उठाकर ले जाना पड़ता है। मंगलवार देर शाम कटवाणु गांव की एक बीमार महिला को ग्रामीणों ने कुर्सी पर उठाकर ओखली तक पहुंचाया, जहां से उसे स्वास्थ्य केंद्र बालीचौकी ले जाया गया। बताया जा रहा है कि महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, बुधवार सुबह दिव्यांग मेघ सिंह को पेंशन और अन्य कार्यों के लिए बाजार जाना था, लेकिन सड़क खराब होने के कारण ग्रामीणों ने कुर्सी को पालकी बनाकर उसे ओखली तक पहुंचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण रोजमर्रा के काम भी कठिन हो गए हैं। स्थानीय निवासी पीयूष, राज और गुमत राम ने आरोप लगाया कि सराज विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है। अभी तक मुख्य सड़कों को भी पूरी तरह बहाल नहीं किया गया है, जबकि गांवों को जोड़ने वाली कई सड़कें अब भी खराब हालत में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क बहाल नहीं की गई तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
उधर, लोक निर्माण उपमंडल बालीचौकी के एसडीओ भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में आपदा के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और विभाग सभी सड़कों को बहाल करने में जुटा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित सड़क को भी जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा।