दलों से अधिक उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ रही हावी, स्थानीय समीकरण प्रभावी
भाजपा के असंतुष्ट अनिल ने 1741 मतों से जीत हासिल कर सभी को चौंकाया
सुरेंद्र शर्मा
मंडी। बल्ह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिला परिषद वार्ड गोड़ा गागल में राजनीतिक दलों की तुलना में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और स्थानीय समीकरण अधिक प्रभावी साबित हुए हैं। मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस दोनों के आधिकारिक प्रत्याशियों को नकारते हुए बागी उम्मीदवार पर भरोसा जताया। लगातार दूसरे चुनाव में इस वार्ड से भाजपा के असंतुष्ट उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है।
भाजपा का टिकट न मिलने से नाराज होकर चुनाव मैदान में उतरे अनिल कुमार उर्फ डिंपल सैनी ने 1,741 मतों के अंतर से शानदार जीत हासिल की। उन्हें कुल 7,241 मत प्राप्त हुए। भाजपा प्रत्याशी पंकज शर्मा 5,500 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जितेंद्र सिंह को 4,955 मत मिले और उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस नेत्री शकुंतला देवी को 379 तथा जीवन राम को 449 मत प्राप्त हुए।
गोड़ा गागल वार्ड का यह चुनाव परिणाम पिछले जिला परिषद चुनाव की याद भी ताजा कर गया। उस समय भी भाजपा का टिकट न मिलने से नाराज पाल वर्मा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। भाजपा ने तब अनिल कुमार उर्फ डिंपल सैनी को अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में पाल वर्मा ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया था। बाद में वह जिला परिषद के चेयरमैन भी बने।
इस बार पाल वर्मा ने स्वयं चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और भाजपा प्रत्याशी पंकज शर्मा के पक्ष में प्रचार किया। इसके बावजूद भाजपा उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सके। वहीं, भाजपा के असंतुष्ट अनिल कुमार उर्फ डिंपल सैनी ने मतदाताओं का भरपूर समर्थन प्राप्त करते हुए जीत अपने नाम कर ली। यह परिणाम स्पष्ट संकेत देता है कि गोड़ा गागल वार्ड में दलगत राजनीति से अधिक उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि, जनसंपर्क और स्थानीय समीकरण मतदाताओं के निर्णय को प्रभावित कर रहे हैं।