मंडी। किराया अदा न करने और अनुबंध समाप्त होने पर नगर निगम अपनी दुकानों का नियंत्रण वापस लेगा। शहर में करीब 150 दुकानदारों के पास निगम के 48 लाख रुपये फंसे हैं। अब इन दुकानों के बाहर नोटिस चिपकाए जाएंगे। तीन दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद निगम ऐसी दुकानों को खाली करवाकर अपने नियंत्रण में लेगा। शुक्रवार को छुट्टी होने के बावजूद निगम के आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। नगर निगम ने शहर में दुकानों का सर्वे कर सूची तैयार कर ली है।
इसके बाद नगर निगम अपने स्तर या फिर बेरोजगार युवाओं के साथ नियमों के तहत अनुबंध कर दुकानों को आवंटित करेगा। इससे नगर निगम की आय में वृद्धि होगी, वहीं बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार प्राप्त होगा।
नगर परिषद के समय शहर में विभिन्न दुकानों को किराये पर दिया गया था। दुकानदारों के साथ अनुबंध किया गया था लेकिन दुकानदारों में से अधिकतर ने अनुबंध के नवीनीकरण में रुचि नहीं दिखाई। अनुबंध की अवधि खत्म होने के बाद अब इन दुकानदारों का इन दुकानों पर हक नहीं रहता है। इन दुकानदारों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल है जो पूर्व में रहे पार्षदों के नजदीकी या फिर रिश्तेदार हैं। कुछ नगर परिषद में पूर्व में रहे कर्मचारियों के रिश्तेदार या परिवार के सदस्य भी हैं। कुछ दुकानें बंद पड़ी हुई हैं। उचित देख रेख न होने के कारण ये दुकानें खंडहर बनती जा रही हैं। नगर निगम ने अब इन सभी दुकानों को खाली करवाने का निर्णय लिया है। एक दो दिनों में शहर में इसके लिए सर्वे शुरू होने जा रहा है।
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नगर निगम के साथ अनुबंध खत्म होने के बावजूद दुकानों पर कब्जा जमा कर बैठे दुकानदारों को अब इन दुकानों को खाली करना होगा। शहर में एक दो दिनों में इन दुकानों का सर्वे किया जाएगा। नगर निगम अब इन दुकानों का नए सिरे से अनुबंध करेगा।
-एचएस राणा, आयुक्त नगर निगम मंडी
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