पधर (मंडी)। जोगिंद्रनगर-मंडी निर्माणाधीन फोरलेन कार्य को लेकर फोरलेन समन्वय समिति ने निर्माण कर रही कंपनी और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। समिति के अध्यक्ष चिंतराम और सचिव महेंद्र गुलेरिया ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान नहीं रख रहा है। निर्माण करने वाली कंपनी मनमाने ढंग से कार्य कर रही है। इससे लोगों और सरकारी संपत्ति का नुकसान हो रहा है। स्थानीय प्रशासन भी कंपनी और प्राधिकरण के लिए काम करता दिख रहा है।
समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन पुलिस की मौजूदगी में प्रभावित परिवारों के मौलिक अधिकारों को जबरदस्ती छीनने में व्यस्त है। तीन दिनों से पाली पंचायत में वन विभाग के विश्राम गृह को खतरा बना हुआ है, जिसकी कोई सुध नहीं ले रहा। निर्माण में लगी कंपनी की ओर से बेतरतीब ढंग से कटिंग करने से द्रंग कटिंडी-बजौरा रोड जीरो प्वाइंट से बंद हो गया है।
इस मुद्दे को हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के उप विभागीय अधिकारी कमांद ने उपमंडलाधिकारी और राजमार्ग प्राधिकरण के साथ बीते 20 फरवरी को हुई बैठक में विशेष रूप से रखा था लेकिन किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। इससे कटिंडी रोड तीन दिन से बंद पड़ा है।
इससे कुल्लू-धर्मशाला की तरफ जाने वाले लोगों को भी परेशान होना पड़ रहा है। कहा कि प्रशासन प्राधिकरण के अधिकारियों, पुलिस जवानों और कर्मचारियों को साथ लेकर प्रभावित परिवारों के बिजली, पानी के कनेक्शन काट रहा है। फोरलेन संघर्ष समिति ने स्थानीय प्रशासन, उपायुक्त मंडी व प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि सरकारी संपत्ति की रक्षा की जाए और प्रभावित परिवारों के हितों को न छीना जाए।