जोगिंद्रनगर देवता मेला
-प्लाट आवंटन प्रक्रिया पूरी न होने से नहीं पहुंचे दुकानदार
-300 दुकानें लगाए जाने की व्यवस्था है स्थल पर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। राज्यस्तरीय जोगिंद्रनगर देवता मेले में बाहरी राज्यों के कारोबारियों की कम दिलचस्पी से मेला स्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ है। मंडी-पठानकोट एनएच के किनारे व्यापारिक प्रतिष्ठान सजना शुरू हो गए हैं। 300 से अधिक दुकानें मेला स्थल पर लगेंगी, लेकिन बुधवार दोपहर बाद तक कोई भी दुकान नहीं पाई है।
कुछ कारोबारियों ने मेले में दुकानदारी सजाने के लिए अपना सामान पहुंचा दिया है लेकिन प्लाट आवंटन की प्रक्रिया पूरी न होने से मेला मैदान सूना है। विभिन्न जिलों में चल रहे मेलों के चलते अभी कारोबारियों ने जोगिंद्रनगर मेले का रुख नहीं किया है।
मेला स्थल पर करीब 200 दुकानें और वाटरप्रूफ डोम की नीलामी को लेकर 40 लाख रुपये से अधिक का खर्च ठेकेदारों ने मेला प्रशासन के समझौते के तहत उठाया है। अभी तक मेले में दुकानों की बिक्री दस प्रतिशत भी पूरी न होने से संबंधित ठेकेदारों के माथे में चिंता की लकीरें खींच आई हैं।
मेले के शुभारंभ और समापन पर निकलेगी जलेब
राज्यस्तरीय जोगिंद्रनगर देवता मेले के शुभारंभ और समापन पर जलेब निकाली जाएगी। इसकी अगुवाई चौहारघाटी के आराध्य देवी-देवता करेंगे। बुधवार को मेला समिति के चेयरमैन एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि लघु शिवरात्रि महोत्सव को आकर्षक बनाने के लिए यथासंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मेला स्थल पर कारोबार के लिए दुकानें करीब 15 अप्रैल तक सजी रहेंगी।