थुनाग (मंडी)। जंजैहली के भलवाड़ में चिट्टा प्रकरण में रोजाना खुलासे हो रहे हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी लवली, पवन कुमार और भूपेंद्र पाल तीनों चिट्टे के अवैध धंधे में संलिप्त मुख्य आरोपी रूबल ठाकुर के बराबर संपर्क में थे। 12 फरवरी को लवली और पवन ने रूबल के खाते में पैसा डाला। फिर रूबल से बात की थी। इसकी जानकारी मुख्य आरोपी रूबल ने पहले ही एसआईटी को दे दी थी।
एसआईटी ने रूबल से जुटाए तथ्यों और मोबाइल लोकेशन, सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर चार लोगों को गिरफ्तार किया। जांच पड़ताल में पता चला कि आरोपी राजेंद्र ने भी रूबल को पैसे भेजे। राजेंद्र कुमार मुख्य आरोपी रूबल ठाकुर के साथ सेब के व्यापार की आड़ में चिट्टे के काले धंधे में संलिप्त था।
बीडीओ सराज के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी लवली स्थानीय स्तर पर युवाओं को चिट्टा उपलब्ध करवाता था। पकड़े गए सभी युवक चिट्टे के आदी हो गए थे और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सराज में चिट्टा बेचने लगे। इसमें रूबल, राजेंद्र, लवली जंजैहली घाटी में चिट्टे के मुख्य सप्लायर थे। संदीप, पवन और भूपेंद्र चिट्टे का नशा करते थे। रूबल ने पड़ोसी राज्य से 45 ग्राम चिट्टा लगभग 70 हजार रुपये में खरीदा था। डीएसपी करसोग गौरवजीत सिंह ने कहा कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
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11 मार्च तक पुलिस रिमांड
अदालत से आरोपियों को 11 मार्च तक पांच दिन की रिमांड मिली है। अब एसआईटी आरोपियों के बैंक खातों को खंगाल रही। इनके संपर्क में आए दूसरे युवाओं का भी खुलासा होगा।