बेहतर सेवाएं न देने पर उपभोक्ता जिला निवारण आयोग ने सुनाया फैसला
12,187 रुपये सात प्रतिशत ब्याज सहित करने होंगे अदा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खाते में राशि जमा करवाने के बाद सेवाएं बेहतर न देना अर्थ कोष निधि लिमिटेड कंपनी को भारी पड़ गया। उपभोक्ता जिला निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा की अदालत ने कंपनी पर शिकंजा कस दिया है। आयोग की ओर से कंपनी को 12,187 रुपये की राशि सात प्रतिशत ब्याज के साथ प्रभावित को अदा करने के आदेश जारी हुए हैं। इतना ही नहीं, कंपनी को तीन हजार रुपये मुआवजे के रूप में जबकि, तीन हजार रुपये मुकदमेबाजी पर वहन हुए खर्च के भी अदा करने होंगे।
आयोग के पास पहुंची शिकायत में खाताधारक ने बताया कि 30 जनवरी 2021 को उन्होंने अर्थ कोष निधि लिमिटेड कंपनी में एक बचत खाता (खाता संख्या 00186903331) खोला। इसमें प्रारंभिक राशि 12,187/- जमा की गई लेकिन बाद में प्रदान की गई सेवाओं से असंतुष्टि के कारण उन्होंने खाता बंद करने और शेष राशि निकालने की इच्छा व्यक्त की। कई बार कार्यालय पहुंचकर व्यक्तिगत मुलाकात और टेलीफोन पर अनुरोधों के बावजूद कंपनी ने भुगतान जारी नहीं किया। इसके बारे में चेतावनी देने पर भी कंपनी प्रबंधन की ओर से बहाने बनाए गए और मामले को टालता जा रहा। आखिरकार थकहारकर पीड़ित ने 12 फरवरी 2024 को कंपनी को एक कानूनी नोटिस भेजा। कानूनी नोटिस मिलने के बाद भी उसका कोई जवाब कंपनी ने नहीं दिया। इसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा की अदालत में याचिका दायर की। इस पर अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।