बरच्छवाड़ मेले में तीसरे दिन भी नहीं बढ़ी रौनक
बार-बार बिगड़ रहा मौसम माना जा रहा है कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल के बरच्छवाड़ में चल रहे पारंपरिक सात दिवसीय नलवाड़ मेले में तीसरे दिन भी रौनक नहीं दिखी। इसकी वजह मौसम माना जा रहा है।
स्थानीय और बाहरी राज्यों से आए कारोबारियों को कारोबार को लेकर चिंता सताने लगी है। मेले में हलवाई, गारमेंट्स, मनियारी, प्लास्टिक, रेडिमेड और झूला कारोबारियों ने स्टॉल सजाए हैं। बार-बार बिगड़ रहे मौसम की वजह से कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पाया है।
दो दिन पूर्व ही मेले में कपड़ा और प्लास्टिक की दुकान लगाई है। तीन दिन में आसमान पर बादल छाने से ग्राहक खरीदारी के लिए दुकान तक नहीं पहुंच रहे। अभी कारोबार में तेजी नहीं आई है। -ढाकन सिंह, कारोबारी उत्तर प्रदेश
तीन साल से मेले में फास्ट फूड स्टॉल लगा रही हूं। दाल-चावल भी बनाए जाते हैं। मेले में अभी लोग कम पहुंच रहे हैं। हालांकि, इस बार पहले से बेहतर दुकानें सजी हैं। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। सरस्वती, कारोबारी सरकाघाट
हर बार मेले में हलवाई की दुकान सजाते हैं। इस बार भी जलेबी, पकौड़े, शक्करपारे सहित अन्य तरह की मिठाई तैयार की गई है और लोग भी बड़े चाव से खरीदारी करते हैं। अब मेले की शुरुआत है। धीरे-धीरे ही लोग मेले में पहुंचेंगे। - प्रकाश चंद, कारोबारी गैहरा
बच्चों के मनोरंजन के लिए मेले में मिक्की माउस, जंपिंग रिंग आदि झूलों को सजाया गया है। मेले में आ रहे बच्चे इन सभी का आनंद उठा रहे हैं। इस बार अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। अभी मेला शुरू- प्रकाश चंद, कारोबारी गैहरा।
संदीप, कारोबारी नवांशहर पंजाब
सरकाघाट उपमंडल के बरच्छवाड़ मेला में लोगों के न पहुचने से सूनी पड़ी दुकानें। संवाद
सरकाघाट उपमंडल के बरच्छवाड़ मेला में लोगों के न पहुचने से सूनी पड़ी दुकानें। संवाद
सरकाघाट उपमंडल के बरच्छवाड़ मेला में लोगों के न पहुचने से सूनी पड़ी दुकानें। संवाद
सरकाघाट उपमंडल के बरच्छवाड़ मेला में लोगों के न पहुचने से सूनी पड़ी दुकानें। संवाद