मंडी के तल्याहड़ में निर्माणाधीन एनएच 803 का कार्य पूरा न होने के विरोध में धरना प्रदर्शन करते
मंडी। मंडी से कोटली तक नेशनल हाईवे के निर्माण से हुए नुकसान पर शनिवार को तल्याहड़ में एसपीयू की पूर्व प्रति कुलपति एवं प्रोफेसर अनुपमा सिंह के नेतृत्व में प्रभावितों ने मोर्चा खोला। प्रभावितों ने मांगों के समर्थन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। नुकसान की किसी भी तरह की कोई भरपाई न होने से खफा प्रभावितों ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है।
प्रो. अनुपमा सिंह ने कहा कि हर स्तर पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ शिकायतें की गईं, लेकिन कहीं से भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कंपनी को काम से बाहर कर दिया गया है फिर भी कंपनी जाने का नाम नहीं ले रही। दूसरी कंपनी के हवाले काम नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य से लोगों के घरों को खतरा हो गया है। सुनवाई न होने पर अब न्यायालय में पीआईएल दायर करने का निर्णय लिया है।
स्थानीय निवासी कर्ण सिंह ने कहा कि मंत्रालय के आदेशों पर कंपनी को बाहर कर दिया गया है, लेकिन यह कंपनी दूसरी कंपनी को काम नहीं सौंप रही है। इस कारण सारा काम रुका हुआ है और कोई काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यहां करोड़ों का घोटाला किया गया, जिसकी जांच की जानी चाहिए।
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