जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर के निका ठाणा, कुडनी, कोटला, बुनला महरोला, खडीहार और खरोण गांव में बार-बार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अब भू-वैज्ञानिकों से सर्वे करवाने की कवायद शुरू कर दी है। प्राकृतिक आपदा के कहर को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने जिला प्रशासन और सरकार को नेर घरवासड़ा, कस, लांगणा और टिकरी मुशैहरा पंचायत के आपदा प्रभावित क्षेत्रों की ड्रोन मैपिंग के लिए कहा है।
इन जगहों में पहाड़ी दरकने से 50 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। 45 मकानों के जमींदोज होने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भू-वैज्ञानिकों से जियोलॉजी सर्वे करवाने का निर्णय लिया है। कुडनी और कोटला गांव में करीब 30 घर खतरे की जद में आए हैं। 15 मकानों के ध्वस्त होने का कारण भूस्खलन रहा है। 100 से अधिक लोग बेघर हुए हैं, जिन्हें प्रशासन ने राहत शिविरों में शरण दिलाई है।
उधर, तहसीलदार डॉ. मुकुल अनिल शर्मा ने बताया कि नेर घरवासड़ा, कस, लांगणा और टिकरी मुशैहरा पंचायत के अधीन आने वाले भूस्खलन वाले क्षेत्रों का जियोलॉजी सर्वे करवाने का निर्णय प्रशासन ने लिया है।
....
भूस्खलन की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए ड्रोन मैपिंग भी करवाई जा रही है ताकि किसी बड़ी अनहोनी से होने वाले जानमाल के नुकसान को समय रहते रोका जा सके। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आवश्यक कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है।
-मनीश चौधरी, एसडीएम जोगिंद्रनगर
000