मंडी। नगर निगम की बैठक में ब्यास नदी, सकोड़ी और सुकेती खड्ड की टेंडर लगाकर सफाई करवाने का मामला गरमाया। पैलेस वार्ड के पार्षद हरदीप राजा ने आरोप लगाया कि हाउस में चर्चा के बिना तीनों टेंडर फरवरी में जारी किए गए और अप्रैल में भुगतान भी कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि सभी टेंडर एक ही ठेकेदार को मिले हैं, जिनमें दो 1.78-1.78 लाख और एक 1.94 लाख रुपये के हैं। पार्षदों ने सवाल उठाया कि सफाई वास्तव में हुई भी या नहीं, इसका कोई प्रमाण नहीं है। अन्य पार्षदों ने भी समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें भी इस प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी।
बैहना वार्ड के पार्षद कृष्ण भानू ने कहा कि निगम आर्थिक संकट का हवाला देता है, लेकिन पार्षदों को विश्वास में लिए बिना टेंडर जारी कर रहा है। महापौर वीरेंद्र भट्ट ने स्वीकार किया कि हाउस में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई थी और आयुक्त से जांच के आदेश दिए। आयुक्त रोहित राठौर ने कहा कि मामला पार्षदों की ओर से ध्यान में लाया गया है और इसकी विस्तृत जांच करवाई जाएगी।