बच्चों के लिए पालने, खिलौने और शिक्षा के संसाधनों में होगा विस्तार
खेल-खेल में पढ़ाई के साथ सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब नौनिहालों को खेल-खेल में पढ़ाई के साथ सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध होगा। उपमंडल के 10 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के लिए पालने, खिलौनों और शैक्षणिक संसाधनों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
वर्तमान में उपमंडल के 210 आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग 4500 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन बच्चों के शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए पोषण आहार में भी विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल और शिक्षा की जिम्मेदारी करीब 300 महिलाओं को सौंपी गई है, जबकि 350 महिलाएं स्तनपान से जुड़ी सेवाओं में कार्यरत रहेंगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना के तहत केंद्रों का उन्नयन किया जा रहा है। छोटे बच्चों के लिए पालने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। सीडीपीओ कार्यालय में संसाधन पहुंचने के बाद उन्हें संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों तक वितरित किया जा रहा है।
मतेहड़ में पांच मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र
मतेहड़ क्षेत्र में पांच आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ऐहजू पंचायत में दो, द्राहल पंचायत में एक तथा क्षेत्र की दो अन्य पंचायतों में भी मॉडल केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है। इन केंद्रों में गर्मी के दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा सर्दियों में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बच्चों की देखभाल और शिक्षा का कार्य प्रशिक्षित 650 महिलाएं करेंगी।
कोट्स
जोगिंद्रनगर के 210 आंगनबाड़ी केंद्रों में 4500 नौनिहालों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट और संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। 10 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में पालने की सुविधा भी दी जा रही है। बच्चों के पोषण आहार में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया है। -बालम राम, सीडीपीओ जोगिंद्रनगर