प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ ने प्रधानाचार्य पदोन्नति में संख्या के आधार
पर पदोन्नति न मिलने पर रोष जताया है। संघ के राज्य मुख्य प्रेस सचिव भोला
दत्त कश्यप ने कहा कि प्रदेश में प्रधानाचार्य पदोन्नति के लिए फीडिंग कैडर
प्राध्यापक और मुख्य अध्यापक हैं। इन दोनों वर्गों का पे स्केल व ग्रेड पे
भी बराबर है।
उन्होंने कहा कि दोनों में से ही प्रधानाचार्य पदोन्नत
हो सकते हैं। स्कूल प्राध्यापकों की संख्या प्रदेश में 18 हजार है। वहीं,
मुख्याध्यापकों की संख्या केवल 840 है। पदोन्नति के अवसर संख्यात्मक आधार
पर 95 अनुपात 5 अनुपात होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में यह केवल 50 अनुपात 50
है। जिसे संघ ने प्राध्यापक वर्ग के साथ अन्याय बताया है। प्राध्यापकों का
पदनाम पीजीटी किया गया है। जिसे प्राध्यापक किया जाए।
संघ ने सरकार से
मांग की है कि अनुबंध पर कार्यरत प्राध्यापकों को सभी प्रकार के वित्तिय
लाभ व वरिष्ठता लाभ नियुक्ति की तिथि से दिए जाएं। मंडी जिला के
अध्यक्ष कृष्ण भारती व प्रदेश महासचिव सुरेंद्र सकलाणी ने बताया कि संघ की
एक बैठक आगामी चार जून को उच्च शिक्षा निदेशक के साथ होगी। जिसमें लंबित
मांगों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।