चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पंडोह के पास मलबे की चपेट में आई टैक्सी। स्त्रोत- जागरूक पाठक
पंडोह (मंडी)। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पंडोह बांध के पास शुक्रवार को करीब नौ घंटे भूस्खलन के कारण ठप रहा। मलबे की चपेट में एक टैक्सी आ गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि उसमें मौजूद चालक सुरक्षित निकल आया। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी के दरकने का खतरा बना हुआ है, जिससे आसपास के इलाकों में डर का माहौल है।
शुक्रवार सुबह 8:00 बजे बंद हुआ एनएच शाम 5 बजे बहाल हो पाया। हाईवे का एक हिस्सा पूरी तरह टूट चुका है। इस कारण वर्तमान में वनवे यातायात शुरू किया गया है। हाईवे पर पहाड़ी पर फंसे मलबे को हटाने के लिए दमकल टीम की सहायता ली गई। हाईवे के बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। यात्री और चालक भी वाहनों में ही फंसे रहे।
भूस्खलन वैकल्पिक मार्ग पर हुआ, जिसे वर्ष 2023 में कैंची मोड़ के क्षतिग्रस्त होने के बाद अस्थायी रूप से उपयोग में लाया गया था। अब उसी मार्ग का हिस्सा भी धंस गया है, जिससे शिवाबदार गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस क्षेत्र में अभी किसी भी प्रकार की आवाजाही संभव नहीं है।
पहाड़ी पर अटके मलबे को नियंत्रित तरीके से नीचे गिराया गया। इसके बाद मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया गया। मशीनरी और प्रशासनिक टीमें लगातार मौके पर डटी रहीं। सुबह एनएच बंद होते ही हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पंडोह बांध से पहले और नेरचौक फोरलेन पर वाहनों को रोक दिया। कुल्लू की ओर जा रहे वाहनों को पनारसा फोरलेन पर ही रोका जा रहा है। वहीं, कुछ छोटे वाहनों को कटोला-बजौरा वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है।
उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि हाईवे पर अभी भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं है, लेकिन छोटे वाहनों के साथ अब बड़े वाहनों को भी पुलिस की निगरानी में धीरे-धीरे निकाला जा रहा है। सावधानी बरतते हुए फिलहाल हाईवे को केवल वनवे खोला गया है।
साक्षी वर्मा ने साफ किया कि लगातार बारिश और पहाड़ी की अस्थिर स्थिति के चलते मार्ग की पूर्ण बहाली फिलहाल संभव नहीं है। जैसे ही मौसम में सुधार आएगा और भूस्खलन की आशंका कम होगी तो हाईवे को पूरी तरह खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और जरूरी होने पर ही इस मार्ग पर यात्रा करें। संवाद