अब जिला मुख्यालय मंडी में स्वाइन फ्लू व स्क्रब टायफस टेस्ट होंगे। जोनल अस्पताल मंडी में अत्याधुनिक पीसीआर लैब स्थापित की जाएगी। जिसमें अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से विभिन्न टेस्ट किए जाएंगे। लैब स्थापित होने के बाद मरीजों को विभिन्न टेस्ट के लिए चंडीगढ़ और शिमला के चक्कर नहीं काटने होंगे।
करीब एक माह में लैब को कार्यान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। जोनल अस्पताल मंडी में करीब 61 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, इसमें से करीब 25 लाख की पीसीआर मशीन खरीदी जा चुकी है। अब लैब में एसेसरी के लिए करीब 37 लाख रुपये के अन्य उपकरण खरीदे जाएंगे। लैब के माध्यम से वायरस के कारण पता चलता है।
जोनल अस्पताल में लैब स्थापित करने के लिए जगह का चयन भी कर लिया गया है। एमएस कार्यालय के समीप लैब के लिए जगह चिन्हित की गई है। लैब स्थापित होने से मंडी जिला सहित आसपास के जिलों के लोगों को सुविधा मिलेगी। जोनल अस्पताल मंडी में पहले ही पीसीआर मशीन खरीदी जा चुकी है। लैब के लिए उपकरण सहित अन्य सेटअप किया जाएगा। लैब में एच-1 एन-1 संक्रमण के अलावा अन्य वायरल की जांच हो सकती है। एच-1 एन-1 की जांच के लिए बहुत ज्यादा सुरक्षित लैब की जरूरत होती है।
लैब का सिविल कंस्ट्रक्शन तो आसान है, लेकिन सबसे संवेदनशील मामला बायो सेफ्टी का है। बायो सेफ्टी यानी लैब स्टाफ का सुरक्षित रहना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इधर, जोनल अस्पताल मंडी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनोद शर्मा ने बताया कि पीसीआर लैब के लिए जगह चयनित कर ली गई है। करीब एक माह में लैब शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं सीएमओ मंडी डॉ देशराज शर्मा ने बताया कि मंडी में अत्याधुनिक पीसीआर लैब के माध्यम से जल्द स्वाइन फ्लू और स्क्रब टायफस के टेस्ट होंगे।