डैहर (मंडी)। सुंदरनगर स्थित जवाहरलाल नेहरू राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय (जेएनजीईसी) में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वस्त्र मंत्रालय के वीवर्स सर्विस सेंटर (डब्ल्यूएससी) कुल्लू और जेएनजीईसी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को हथकरघा परंपरा, सतत वस्त्र निर्माण और पारंपरिक बुनकरों की कला से जोड़ना था। इस दौरान बुनाई, चित्रकला और एमसीक्यू प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विजेताओं को 7 अगस्त को कुल्लू में होने वाले राज्य स्तरीय राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
जेएनजीईसी के निदेशक-प्रधानाचार्य प्रो. राजीव खंडूजा ने कहा कि हथकरघा भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और तकनीकी नवाचार के माध्यम से इसे नई पहचान दी जा सकती है। कार्यक्रम में वीवर्स सर्विस सेंटर कुल्लू के उप निदेशक अनिल साहू, सहायक निदेशक विनय कुमार सहित विभागीय टीम ने भाग लिया। समापन पर युवाओं से भारतीय हथकरघा उत्पादों को अपनाने और पारंपरिक बुनाई कला के संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया गया।