बासा कालेज में पुलिस की पाठशाला में उपस्थित विद्यार्थी।
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गोहर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के नंबर वन अखबार ‘अमर उजाला’ की ओर से शनिवार को बासा कॉलेज में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में डीएसपी मुख्यालय हितेश लखनपाल ने बतौर मुख्यातिथि के रूप में शिरकत कर छात्रों को नशे से दूर रहने की नसीहत दी तथा यातायात संबंधी कानूनी पहलुओं व सामाजिक दायित्व के बारे में जानकारी दी। आयुर्वेद विभाग के उपमंडलीय आयुर्वेद अधिकारी डा. रविंद्र ठाकुर ने नशे के सेवन से सेहत पर पड़ने वाले दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी।
शनिवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला में डीएसपी हितेश लखनपाल ने कहा कि आज समाज के हर नागिरक को लॉ अबाइडिंग बनने की जरूरत है न कि लॉ फियरिंग की। डीएसपी ने कहा कि झूठ का सहारा लेकर हर आदमी अपनी नैतिक जिम्मेवारियों से भटक रहा है, जोकि व्यक्ति के लिए खुद घातक है। विदेशों में देश की अच्छी पहचान बनी हुई है, जिसको कायम रखने के लिए युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहकर अपना योगदान देना चाहिए। बाहरी राज्यों की तर्ज पर अब हिमाचल के युवा भी नशे के आदी हो रहे हैं। जो एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए सभ्य समाज की रचना करना जरूरी है।
छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें तभी युवा कामयाबी हासिल कर सकते हैं। डीएसपी ने कहा कि कॉलेज स्ट्रेंथ से नहीं बल्कि कालेज को एक ब्रांड कालेज बनाया जाना चाहिए। अभिभावक अपने बच्चों को गलत काम करने से रोकते तो हैं लेकिन वे बच्चों को यह बताना भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और यातायात नियमों की जानकारी के साथ ही अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया। उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डा. रविंद्र ठाकुर ने कहा कि नशा राष्ट्र के लिए एक गंभीर समस्या है। तंबाकू और शराब का सेवन धीरे धीरे व्यक्ति के स्वास्थ्य को खराब कर देता है और कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों का खतरा रहता है। प्राचार्य आईडी शर्मा ने पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की सराहना करते हुए छात्रों से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बासा कालेज के छात्रों कुलदीप और डिंपल ने नशे के दुष्परिणामों पर भाषण दिया। वहीं, पुलकित ने ‘आओ सजाएं आज को, कल का पता नहीं’ गजल पेश की। छात्रा देई देवी ने पहाड़ी गीत से समां बांधा।