सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडलाधिकारी (ना.) सुंदरनगर अमर नेगी ने कहा कि बाल विवाह को बढ़ावा देने, उसमें सहयोग करने अथवा उसके आयोजन में किसी भी प्रकार की भूमिका निभाने वालों के विरुद्ध बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दो वर्ष तक के कठोर कारावास, एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।
वीरवार को उपमंडल कार्यालय में बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि पंडितों, टेंट हाउस संचालकों, केटरिंग सेवाप्रदाताओं तथा डीजे संचालकों सहित विवाह समारोह से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं पर भी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों तथा पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बैठक का संचालन सीडीपीओ पूनम चौहान ने किया।